Silver Wedding
NCERT Class 12 Hindi Vitan Silver Wedding मनोहर श्याम जोशी द्वारा लिखित एक कहानी है, जिसमें यशोधर बाबू नामक सरकारी सेक्शन अफ़सर की 25वीं विवाह वर्षगाँठ के दिन परंपरागत मूल्यों और आधुनिक जीवनशैली के टकराव को चित्रित किया गया है।
- 1लेखक: मनोहर श्याम जोशी; विधा: कहानी (गद्य); पाठ वितान (भाग 2) में संकलित है।
- 2मुख्य पात्र: यशोधर बाबू (यशोधर पंत / वाई-डी- पंत), सेक्शन ऑफ़िसर, जो पुरानी परंपराओं से बँधे हैं; किशनदा (कृष्णानंद पांडे) उनके गुरु-तुल्य मार्गदर्शक; भूषण बड़ा बेटा जो विज्ञापन संस्था में डेढ़ हजार रुपये मासिक कमाता है।
- 3केंद्रीय भाव: परंपरा और आधुनिकता का द्वंद्व — यशोधर बाबू किशनदा की विरासत को जीते हैं जबकि उनका परिवार नई जीवनशैली अपना चुका है; यही पीढ़ीगत अंतराल कहानी की धुरी है।
- 4किशनदा की भूमिका: कुँआरे कृष्णानंद पांडे ने यशोधर को दिल्ली में आश्रय, पचास रुपये उधार, नौकरी और दफ़्तरी मार्गदर्शन दिया; रिटायरमेंट के बाद एकाकी जीवन जीकर गाँव में 'जो हुआ होगा' से मृत्यु को प्राप्त हुए।
- 5मुख्य घटनाएँ: दफ़्तर में वर्षगाँठ का पता चलना; बिड़ला मंदिर व प्रवचन; घर पर आधुनिक पार्टी में अजनबियों की भीड़; केक काटने और संध्या को लेकर विवाद; पूजाकक्ष में किशनदा का दर्शन; ड्रेसिंग गाउन उपहार।



