Hindi • Class 2

Sarangi (सारंगी)

Hindi Textbook • 26 Chapters

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Chapter notes

What you'll learn in Sarangi (सारंगी)

A quick revision map of Sarangi (सारंगी) — the core idea and five key takeaways from each chapter. Tap any chapter to read the full NCERT PDF and detailed notes.

01

नीमा की दादी

पाठ 1 — "नीमा की दादी" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी का एक छोटी बच्ची नीमा और उसकी दादी के बीच के प्यारे रिश्ते और साथ समय बिताने की खुशी पर आधारित पाठ है। इस कहानी में नीमा अपनी दादी को खेलने के मैदान में साथ ले जाती है ताकि दादी का मन लगे और समय अच्छे से कटे।

  • 1नीमा दोपहर दो बजे स्कूल से घर लौटती है।
  • 2उस समय घर पर केवल दादी होती हैं, जो घर से बाहर नहीं जातीं।
  • 3दादी के घुटनों में दर्द रहता है, इसलिए वे कभी सब्जी काटती हैं और कभी तेल मलती हैं।
  • 4नीमा रोज़ खाना खाते-खाते दादी को स्कूल की बातें सुनाती है।
  • 5दादी ने नीमा से कहा — 'मेरा समय नहीं कटता', तब नीमा उन्हें खेलने के मैदान ले गई।
02

घर

पाठ 2 — "घर" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी का एक मधुर कविता-पाठ है जिसमें एक बच्चा अपने पापा से पूछता है कि घर इतना प्यारा क्यों लगता है। कवि दिविक रमेश ने इस कविता में बताया है कि घर माँ की गोदी जैसा ममता से भरा होता है — थकान मिटाता है, ताज़गी देता है और परिवार की गर्माहट से हमेशा अपना लगता है।

  • 1यह कविता 'आनंदमयी कविता' शीर्षक के अंतर्गत दी गई है।
  • 2कविता के कवि का नाम दिविक रमेश है।
  • 3कविता में घर को माँ की गोदी-सा प्यारा और ममतावाला बताया गया है।
  • 4थककर घर वापस आने पर घर ताज़गी और आराम देता है।
  • 5घूमने-खेलने के बाद भी घर को भूलना मुश्किल है — यही कविता का मुख्य संदेश है।
03

माला की चाँदी की पायल

पाठ 3 — "माला की चाँदी की पायल" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी का एक मज़ेदार कहानी-पाठ है जिसमें माला नाम की लड़की सभी को डराती थी, लेकिन माँ की दी हुई चाँदी की पायल की आवाज़ से सब पहले ही सावधान हो जाते थे और वह किसी को नहीं डरा पाती थी। अंत में माला ने पायल उतार दी। यह पाठ ऐनी बेसंट द्वारा लिखा गया है।

  • 1माला बिल्ली, नानी, छोटे भाई और डाकिए को डरावनी आवाज़ें निकालकर डराती थी।
  • 2माँ ने माला को एक डिब्बी दी जिसमें नीले कागज़ में लिपटी चाँदी की पायल थी।
  • 3पायल पहनने पर छिक-छिक-छम की आवाज़ होती थी जिससे सब जान जाते कि माला आ रही है।
  • 4पायल की आवाज़ सुनकर बिल्ली कूद गई, नानी पलट गईं, छोटा भाई बाहर भागा और डाकिया निकल गया।
  • 5अब माला किसी को डरा नहीं पाई क्योंकि सब पहले से सावधान हो जाते थे।
04

माँ

पाठ 4 — "माँ" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी की एक छोटी-सी कविता है जिसमें कवि अनुभव राज ने माँ के प्यार, उनकी सच्चाई और उनसे मिलने वाले साहस व विश्वास को सरल शब्दों में बताया है। इस पाठ में चंद्रबिंदु (ँ) वाले शब्दों की पहचान और लेखन का अभ्यास भी कराया गया है।

  • 1कविता 'माँ' अनुभव राज द्वारा लिखी गई है।
  • 2माँ को भोली-भाली, प्यारी-प्यारी और मिसरी जैसी मीठी बताया गया है।
  • 3माँ को सारे जग से न्यारी यानी सबसे अलग और खास कहा गया है।
  • 4कविता में माँ से जोश, प्रकाश, साहस और विश्वास मिलने की बात है।
  • 5'मा' पर चंद्रबिंदु (ँ) लगाने से 'माँ' बनता है — यही चंद्रबिंदु का कमाल है।
05

थाथू और मैं

पाठ 5 — "थाथू और मैं" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी का एक मीठी कहानी है जिसमें एक छोटी लड़की और उसके दादाजी (थाथू) के प्यारे रिश्ते और साथ बिताए खुशनुमा पलों का वर्णन है। यह कहानी गीता धर्मराजन ने लिखी है।

  • 1इस कहानी को गीता धर्मराजन ने लिखा है।
  • 2लड़की अपने दादाजी को 'थाथा' कहती है और बहुत प्यार आने पर 'थाथू' बुलाती है।
  • 3थाथू उसे सिनेमा दिखाने ले जाते हैं और वह उनकी गोदी में बैठकर हॉर्न बजाती है।
  • 4थाथू और पोती समुद्र तट पर जाते हैं जहाँ वे दौड़ लगाते हैं और कलाबाज़ियाँ खाते हैं।
  • 5बारिश होने पर थाथू खुद खिड़की से इशारा करके उसे बाहर ले जाते हैं।
06

चींटा

पाठ 6 — "चींटा" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी का एक खेल गीत है जिसमें चींटे को घर के लिए दूध, दही, शक्कर, शरबत, रोटी और अन्य जरूरी चीजें लाने और घर बनाने के लिए कहा जाता है, तथा चींटी उसके परिश्रम से खुश होकर उसके गुण गाती है।

  • 1यह पाठ एक खेल गीत है जिसका नाम 'चींटा' है।
  • 2चींटे को दूध लाकर दही जमाने, गन्ने से शक्कर बनाने और शरबत तैयार करने के लिए कहा गया है।
  • 3चींटे को घर बनाने का काम भी दिया गया है ताकि चींटी धूप से आकर खुश हो सके।
  • 4चींटे को बाजार से शक्कर, चावल, रोटी और पानी लाने को कहा गया है।
  • 5चींटी जब चींटे के काम देखती है तो खुश होकर उसके गुण गाती है।
07

टिल्लू जी

पाठ 7 — "टिल्लू जी" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी का एक मज़ेदार खेल गीत है जिसमें टिल्लू जी बस्ता भूलकर स्कूल जाते हैं, गेट पर छुट्टी का नोटिस देखकर खुश हो जाते हैं और दौड़कर माँ से लिपट जाते हैं। इस पाठ में बच्चे "अं" की मात्रा वाले शब्द भी सीखते हैं।

  • 1टिल्लू जी स्कूल जाते समय अपना बस्ता घर पर भूल गए।
  • 2रास्ते भर वे डरे-डरे चलते रहे।
  • 3स्कूल के गेट पर छुट्टी का नोटिस चिपका हुआ था।
  • 4नोटिस देखकर टिल्लू जी खुशी से फूल गए।
  • 5वे दौड़कर माँ के गले में बाँहें डालकर लिपट गए।
08

तीन दोस्त

पाठ 8 — "तीन दोस्त" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी का एक मनोरंजक पाठ है जिसमें लाल, पीला और नीला — तीन रंग पक्के दोस्त हैं और जब वे मिलकर चलते हैं तो नारंगी, हरा और बैंगनी जैसे नए रंग-दोस्त बनाते हैं। यह पाठ बच्चों को दोस्ती और मिलजुलकर रहने की सीख देता है।

  • 1पुराने ज़माने में केवल तीन रंग थे — लाल, पीला और नीला।
  • 2लाल रंग टमाटर, सेब, चेरी और आलूबुखारे जैसी चीज़ों में रहता था।
  • 3पीले रंग ने सूरज को चमकदार बनाया था।
  • 4आसमान और समुंदर दोनों नीले थे।
  • 5लाल + पीला = नारंगी; पीला + नीला = हरा; लाल + नीला = बैंगनी।
09

दुनिया रंग-बिरंगी

पाठ 9 — "दुनिया रंग-बिरंगी" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी की एक आनंददायी कविता है जिसमें देविका रंगाचारी ने प्रकृति और रोज़मर्रा की चीज़ों के ज़रिए नीले, पीले, लाल और हरे रंगों का सुंदर चित्रण किया है। हर रंग के लिए आकाश, आम, सेब और घास जैसे जाने-पहचाने उदाहरण दिए गए हैं।

  • 1कविता का नाम 'दुनिया रंग-बिरंगी' है और इसे देविका रंगाचारी ने लिखा है।
  • 2कविता में चार रंगों — नीला, पीला, लाल और हरा — का वर्णन किया गया है।
  • 3नीले रंग के उदाहरण: आकाश, सागर का पानी, मोर के पंख, पेड़ पर बैठे पक्षी।
  • 4पीले रंग के उदाहरण: सूरज, पका आम, केला, नींबू, सूरजमुखी का फूल।
  • 5लाल रंग के उदाहरण: सेब, गुलाब का फूल, चेरी, टमाटर।
10

कौन

पाठ 10 — "कौन" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी की एक आनंददायी कविता है, जिसमें कवि बालस्वरूप राही ने चाँद, सूरज, नदियाँ, पर्वत, पेड़, फूल और बादल जैसे प्रकृति के तत्वों की अहमियत को "अगर न होता/होते/होती … तो कौन?" के सवालों के ज़रिए बच्चों के सामने रखा है।

  • 1यह कविता बालस्वरूप राही ने लिखी है।
  • 2कविता में चाँद, सूरज, नदियाँ, पर्वत, पेड़, फूल, बादल और इंद्रधनुष का ज़िक्र है।
  • 3हर पद में 'अगर न होता/होते/होती … कौन?' का सवाल दोहराया गया है।
  • 4चाँद रात में दिशा दिखाता है और सूरज दिन को सोने-सा चमकाता है।
  • 5निर्मल नदियाँ जग की प्यास बुझाती हैं और पर्वतों से झरने बहते हैं।
11

बैंगनी जोजो

पाठ 11 — "बैंगनी जोजो" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी की एक मज़ेदार कहानी है जिसमें सफ़ेद कुत्ता जोजो जामुन के पेड़ से बैंगनी धब्बे पाकर हैरान हो जाता है और बादल, सूरज, कौए, गुब्बारे और घास से पूछता है कि उसे ये धब्बे किसने दिए।

  • 1जोजो एक सफ़ेद कुत्ता था जो पेड़ के नीचे सो रहा था।
  • 2जागने पर जोजो के शरीर पर बैंगनी धब्बे थे।
  • 3जोजो ने बादल, सूरज, कौए, गुब्बारे और घास से पूछा।
  • 4सबने 'नहीं' कहा और अपना-अपना रंग बताया — सफ़ेद, पीला, काला, लाल, हरा।
  • 5अंत में जामुन के पेड़ के फल गिरने से धब्बे लगे थे।
12

तोसिया का सपना

पाठ 12 — "तोसिया का सपना" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी की एक रोचक कहानी है जिसमें तोसिया नाम की लड़की सपने में दुनिया के सारे रंग गायब हो जाते देखती है, फिर जागकर रसोई, बगीचे और बाज़ार में रंग-बिरंगी चीज़ें देखकर खुश हो जाती है।

  • 1तोसिया को सपने में दुनिया के सारे रंग गायब हो गए और सब कुछ सफ़ेद-सफ़ेद दिखा।
  • 2रसोई में लाल मिर्च, जीरा, हलदी, धनिया और मेथी जैसे रंगीन मसाले थे।
  • 3बगीचे में गेंदा, चमेली, सदाबहार, गुलाब और सूरजमुखी के रंग-बिरंगे फूल थे।
  • 4बाज़ार में रंग-बिरंगी सब्ज़ियाँ, पतंगें, चुनरियाँ और गुब्बारे देखकर तोसिया खुश हो गई।
  • 5नानी के बाल सफ़ेद थे क्योंकि उनके बालों का रंग तोसिया के बालों में आ गया था।
13

तालाब

पाठ 13 — "तालाब" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी का एक छोटी कहानी है जो "छोटे तालाब" के किनारे रहने वाले अनेक जीव-जंतुओं और पक्षियों का परिचय कराती है। कहानी शशि सबलोक द्वारा लिखी गई है और बच्चों को यह समझाती है कि तालाब जैसी जगहें कितने सारे प्राणियों का घर होती हैं।

  • 1"तालाब" कहानी शशि सबलोक द्वारा लिखी गई है।
  • 2इस तालाब का नाम "छोटा तालाब" है।
  • 3तालाब में केंचुए, साँप, केकड़े, मेंढक, कनखजूरे, दो कछुए, मछलियाँ और कई अन्य जीव रहते हैं।
  • 4तालाब के किनारे पेड़ पर कौए, मैना, तोते, किंगफ़िशर और फ़ाख्ता जैसी चिड़ियाँ रहती हैं।
  • 5सर्दियों के दिनों में इस तालाब पर सारस आए हुए हैं और खूब चहल-पहल है।
14

बीज

पाठ 14 — "बीज" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी की एक सुंदर कविता है जो बताती है कि एक बच्चा एक बीज को गमले में बोता है, उसे पानी और धूप देता है, और उत्सुकता से सोचता है कि यह बीज पेड़ बनेगा या झाड़ी, इसमें फूल आएंगे या फल — पर अंत में वह मुस्कुराते हुए कहता है, "कोई फ़र्क नहीं पड़ता!" यह कविता दीपा बलसावर ने लिखी है।

  • 1यह कविता दीपा बलसावर ने लिखी है।
  • 2कविता में एक बच्चा गमले में बीज बोता है और उसे पानी तथा धूप देता है।
  • 3बच्चा सोचता है — क्या यह पेड़ बनेगा, झाड़ी बनेगी, इसमें फूल या फल लगेंगे?
  • 4बच्चा यह नहीं जानता कि बीज क्या बनेगा, फिर भी वह खुश है और कहता है 'कोई फ़र्क नहीं पड़ता'।
  • 5बीज उगाने के लिए पानी और धूप दोनों ज़रूरी हैं।
15

किसान

पाठ 15 — "किसान" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी का एक कविता पाठ है जिसमें किसान की कड़ी मेहनत और हर मौसम में अनथक काम करने की भावना को सरल शब्दों में दर्शाया गया है। यह कविता सत्यनारायण लाल द्वारा लिखी गई है।

  • 1यह कविता सत्यनारायण लाल द्वारा लिखी गई है।
  • 2किसान चिड़ियों के जगने से पहले खाट छोड़ उठकर खेत पर काम करने चला जाता है।
  • 3गर्मी में गरम लू और जलती धरती होने पर भी किसान खेत पर काम करता है।
  • 4बरसात में मूसलाधार पानी और बिजली की चमक में भी किसान खेतों की रखवाली करता है।
  • 5सर्दी में हाथ-पाँव ठिठुरने पर भी किसान आग जलाकर खेत की रखवाली मौन रहकर करता है।
16

मूली

पाठ 16 — "मूली" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी की एक रोचक कहानी है जिसमें नानाजी की बगीचे में उगी मोटी-लंबी मूली को निकालने के लिए नाना, नानी, नातिन और कुत्ते सबको मिलकर ज़ोर लगाना पड़ता है। यह पाठ बच्चों को मिल-जुलकर काम करने का महत्त्व सिखाता है।

  • 1नानाजी ने बगीचे में मूली बोई और वह मोटी और लंबी हो गई।
  • 2नानाजी अकेले मूली को नहीं निकाल पाए, फिर नानी को आवाज़ लगाई।
  • 3नाना और नानी दोनों मिलकर भी मूली नहीं निकाल पाए।
  • 4नानी ने नातिन को बुलाया, फिर तीनों ने मिलकर ज़ोर लगाया पर मूली नहीं निकली।
  • 5नातिन ने अपने कुत्ते को बुलाया और फिर सबने मिलकर ज़ोर लगाया।
17

बरसात और मेंढक

पाठ 17 — "बरसात और मेंढक" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी की एक रोचक कहानी है जिसमें सोमारू और कमली भूख मिटाने के लिए मेंढक, बादल, नदी, घास और गाय की एक-दूसरे से जुड़ी ज़रूरतें पूरी करते हैं और माफ़ी माँगकर समस्या सुलझाते हैं।

  • 1सोमारू और कमली जंगल घूमने गए और लौटते समय उन्हें भूख लगी।
  • 2गाय ने दूध देने के लिए हरी घास, घास ने पानी, नदी ने बरसात, और बादल ने मेंढक का टर्र-टर्र सुनने की शर्त रखी।
  • 3मेंढक ने बाहर आने से इसलिए मना किया क्योंकि बच्चे उन्हें पत्थर मारते थे।
  • 4सोमारू और कमली ने माफ़ी माँगी और वादा किया कि अब कोई पत्थर नहीं मारेगा।
  • 5मेंढक के टर्र-टर्र बोलने पर बादल बरसे, नदी में पानी आया, घास हरी हुई, गाय ने दूध दिया।
18

शेर और चूहे की दोस्ती

पाठ 18 — "शेर और चूहे की दोस्ती" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी का एक कहानी-पाठ है जिसमें एक छोटे चूहे ने अपने पैने दाँतों से जाल काटकर शेर को शिकारी के जाल से आज़ाद किया। यह कहानी जगदीश जोशी द्वारा लिखी गई है और सच्ची मित्रता का संदेश देती है कि छोटे-से-छोटा दोस्त भी बड़े संकट में काम आ सकता है।

  • 1यह कहानी जगदीश जोशी ने लिखी है।
  • 2शेर की पूँछ पर पंजा पड़ने पर शेर ने दया करके पैर हटा लिया और चूहे को जाने दिया।
  • 3शिकारी के जाल में फँसने पर जंगल के सभी बड़े जानवर शेर की सहायता के लिए नहीं आए।
  • 4चूहा अपने पैने दाँतों से जाल कुतरकर शेर को आज़ाद करने में सफल हुआ।
  • 5यह कहानी 'इकाई 4: मित्रता' के अंतर्गत आती है।
19

आउट

पाठ 19 — "आउट" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी की एक मज़ेदार कहानी है जिसमें जीत और बबली छुट्टी के दिन तरह-तरह के खेल खेलते हैं और जब गेंद खो जाती है तो बबली खुद नई गेंद बनाकर खेल को फिर से शुरू करती है।

  • 1जीत और बबली ने छुट्टी के दिन रस्सी कूदना, छुपन-छुपाई और गिल्ली-डंडा खेला।
  • 2क्रिकेट में बबली ने बल्ला मारा और गेंद मोहित के बंद आँगन में चली गई।
  • 3मोहित के घर ताला लगा था, इसलिए गेंद नहीं मिल सकी।
  • 4बबली ने कपड़े, कागज़, पन्नी और सुतली से नई गेंद बनाई।
  • 5जब जीत ने नई गेंद पर बल्ला मारा तो गेंद खुलकर हवा में फैल गई।
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छुपन-छुपाई

पाठ 20 — "छुपन-छुपाई" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी की एक मज़ेदार कहानी है जिसमें जीत और उसके दोस्त मिलकर छुपन-छुपाई खेलते हैं और नाज़िया अंत में पेड़ के ऊपर से कूदकर जीत को धप्पा देती है।

  • 1जीत की बारी थी — उसने सौ तक गिनकर सबको ढूँढ़ना शुरू किया।
  • 2मोहित दरवाज़े के पीछे, बबली अलमारी के पीछे, मारिया पलंग के नीचे मिले।
  • 3सिमरन दादी के पीछे छिपी मिली।
  • 4नाज़िया पेड़ के ऊपर छिपी थी और जीत उसे नहीं खोज पाया।
  • 5नाज़िया ने ऊपर से कूदकर जीत को धप्पा दिया।
21

हाथी साइकिल

पाठ 21 — "हाथी साइकिल" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी की एक मज़ेदार कविता है जिसमें हाथी साइकिल चला रहा है और चींटी पीछे बैठी है; चढ़ाई आने पर साइकिल रुक जाती है, तब छोटी चींटी हाथी की मदद करती है और उसे धक्का देती है। यह कविता श्याम सुशील ने लिखी है।

  • 1यह कविता श्याम सुशील ने लिखी है।
  • 2हाथी साइकिल चला रहा था और चींटी उसके पीछे बैठी थी।
  • 3सीधी चढ़ाई आने पर हाथी हाँफने लगा और साइकिल रुक गई।
  • 4साइकिल रुकते समय 'चरर-मरर-चूँ' की आवाज़ आई।
  • 5चींटी ने साइकिल से कूदकर हाथी को धक्का देने की बात कही।
22

चार दिशाएँ

पाठ 22 — "चार दिशाएँ" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी का एक छोटी कविता है जो सूरज की दिशा से पूरब, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण — इन चारों दिशाओं को पहचानना सिखाती है। कविता में बच्चों को बताया गया है कि जिस ओर सूरज उगता है वह पूरब है, पीठ के पीछे पश्चिम है, बाईं ओर उत्तर है और दाईं ओर दक्षिण है।

  • 1सूरज जिस ओर उगता है, वह दिशा पूरब (East) कहलाती है।
  • 2पूरब की ओर मुँह करके खड़े होने पर पीठ के पीछे पश्चिम (West) होता है।
  • 3पूरब की ओर मुँह करने पर बाईं ओर उत्तर (North) होती है।
  • 4पूरब की ओर मुँह करने पर दाईं ओर दक्षिण (South) होती है।
  • 5चारों दिशाओं के नाम हैं — पूरब, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण।
23

चंदा मामा

पाठ 23 — "चंदा मामा" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी का एक छोटा-सा पाठ है जिसमें एक बच्चा रात को छत पर चंदा मामा को देखता है, बादल के आ जाने पर उसे हटने के लिए कहता है, और जब बादल चला जाता है तो चंदा मामा मुसकराते नजर आते हैं।

  • 1रात को आकाश में चारों तरफ अँधेरा हो जाता है।
  • 2छत पर सुंदर प्रकाश देखकर बच्चा समझता है कि चंदा मामा आ गए हैं।
  • 3बादल के आने से बच्चा चंदा मामा को नहीं देख पाता।
  • 4बच्चा बादल से कहता है — 'चंदा मामा रूठ जाएँगे, आप जाइए ना!'
  • 5बादल माफी माँगकर चला जाता है — कहता है 'मैं तो दो मिनट चंदा से गपशप कर रहा था।'
24

गिरे ताल में चंदा मामा

पाठ 24 — "गिरे ताल में चंदा मामा" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी की एक आनंदमयी कविता है जिसमें तालाब के पानी में चंद्रमा का प्रतिबिंब देख सबको अचंभा होता है।

  • 1कविता 'गिरे ताल में चंदा मामा' राजेश जोशी ने लिखी है।
  • 2इस कविता में तालाब के पानी में चंदा मामा का प्रतिबिंब दिखता है।
  • 3मछुआरे ने जाल समेटा तो चंदा मामा कहीं नहीं मिले — सबको अचंभा हुआ।
  • 4'अचंभा' का अर्थ है — कोई हैरान करने वाली या अनोखी बात देखना।
  • 5'मिलकर पढ़िए' वाली कविता 'चाँद की रोटी' मोहम्मद साकिब खान ने लिखी है।
25

सबसे बड़ा छाता

पाठ 25 — "सबसे बड़ा छाता" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी की एक मज़ेदार कविता-कहानी है जिसमें एक बच्चा बारिश में अपने दोस्तों को एक-एक करके छाते में बुलाता है और हर बार छाता छोटा पड़ जाता है, इसलिए ख़याल चाचू से और बड़ा छाता माँगा जाता है। अंत में सबसे बड़े छाते की कामना की जाती है जिसके नीचे दुनिया के सारे बच्चे आ सकें।

  • 1बारिश इतनी तेज़ थी कि बिस्तर, अम्मा की साड़ी और दादी का कंबल सब गीले हो गए।
  • 2मैं और सलीम छाते के अंदर बिल्कुल सूखे और गरम थे।
  • 3टिल्लू, लता, मोनू, शलीन, सनत, सोनू, हामिद और हरमीत — ये सभी बच्चे छाते में आए।
  • 4हर बार नए दोस्त आने पर छाता छोटा पड़ जाता था।
  • 5ख़याल चाचू तीन बार बड़ा छाता देते हैं।
26

बादल

पाठ 26 — "बादल" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी की एक आनंदमयी कविता है जिसमें आसमान में छाने वाले काले बादलों, बारिश होने की प्रक्रिया, बिजली की चमक, मोर के नाच और बारिश के बाद की खुशी का सजीव वर्णन किया गया है।

  • 1यह कविता श्रीप्रसाद द्वारा लिखी गई है।
  • 2बादल काले-काले होते हैं और हवा उन्हें उड़ाकर लाती है।
  • 3बादल पेड़ों, भेड़ों, घोड़ों और हाथियों जैसे आकार के दिखते हैं।
  • 4पानी गर्मी से भाप बनता है, भाप ऊपर जाकर बादल बनती है, और फिर बारिश होती है।
  • 5बारिश में बिजली चमकती है और गड़गड़ाहट होती है।

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