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Overview

Summary

पाठ 13 — "मेला" कक्षा 1 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी का एक आनंदमयी कविता है जिसमें बच्चे घर के पास लगे मेले में चाट खाते हैं, झूले झूलते हैं, रंग-बिरंगे खिलौने खरीदते हैं और मेले का भरपूर आनंद लेते हैं। कविता के कवि रमेश थानवी हैं।

  • कविता का सारांश — इस कविता में बच्चे बताते हैं कि उनके घर के पास मेला लगा था। वे मेले में चाट खाते हैं, झूले झूलते हैं, चार खिलौने खरीदते हैं और दोस्तों के साथ मिलकर मेले का पूरा आनंद लेते हैं।
  • कवि का नाम — इस कविता के कवि रमेश थानवी हैं। कविता का शीर्षक 'मेला' है और यह सारंगी पाठ्यपुस्तक के पाठ 13 में संकलित है।
  • मुख्य भाव — कविता का मुख्य भाव यह है कि मेला बच्चों के लिए बहुत खुशी और उत्साह लाता है। चाट, झूले, खिलौने और दोस्तों का साथ — ये सब मिलकर मेले को यादगार बनाते हैं।
  • पाठ से सीख — इस पाठ से बच्चे सीखते हैं कि त्योहारों और मेलों में परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर आनंद लेना चाहिए। मेले में अनेक चीज़ें देखने, खाने और खरीदने को मिलती हैं।
  • शब्दार्थ — ठेला — छोटी गाड़ी जिस पर खाने-पीने की चीज़ें बेची जाती हैं। ठाट — शान-शौकत या भव्यता। सलोने — सुंदर। हाट — बाज़ार।
Essentials

Key points & formulas

  1. 01मेला बच्चों के घर के पास लगा था।
  2. 02मेले में चाट का ठेला आया और बच्चों ने चाट खाई।
  3. 03बच्चों ने मेले में झूले झूले और मन में खुशी नहीं समाई।
  4. 04बच्चे मेले से चार रंग-बिरंगे और सुंदर खिलौने लेकर आए।
  5. 05गुड़िया, गुनगुन और छोटू तीनों साथ मिलकर मेले गए।
  6. 06कविता के कवि रमेश थानवी हैं।
  7. 07मेले में झूले, ठेले और सुंदर हाट — तीनों की मस्ती थी।
Questions

Frequently asked questions

01

'मेला' कविता के कवि कौन हैं?

'मेला' कविता के कवि रमेश थानवी हैं।

02

कविता में मेला कहाँ लगा था?

कविता में मेला बच्चों के घर के पास लगा था।

03

बच्चों ने मेले में क्या खाया?

बच्चों ने मेले में चाट खाई जो एक ठेले पर बिक रही थी।

04

मेले में बच्चों ने क्या-क्या किया?

बच्चों ने मेले में चाट खाई, झूले झूले और रंग-बिरंगे खिलौने खरीदे। उन्होंने मन भर कर मेला देखा।

05

बच्चे मेले से कितने खिलौने लाए?

बच्चे मेले से चार खिलौने लाए जो रंग-बिरंगे और बहुत सुंदर थे।

06

'ठाट' शब्द का अर्थ क्या है?

'ठाट' का अर्थ है शान-शौकत या भव्यता। कविता में 'मेले के थे ऐसे ठाट' का मतलब है कि मेला बहुत शानदार था।

07

कविता में कौन-कौन से पात्र हैं?

कविता में गुड़िया, गुनगुन और छोटू का नाम आता है। ये तीनों साथ मिलकर मेले गए।

08

छोटू ने मेले में क्या किया?

छोटू ने मेले में किसी का हाथ पकड़ा था। कविता में बताया गया है कि 'छोटू ने पकड़ा था हाथ'।

09

'ठेला' किसे कहते हैं?

ठेला एक छोटी गाड़ी होती है जिस पर खाने-पीने की चीज़ें बेची जाती हैं। मेले में चाट का ठेला आया था।

10

कविता में मेले की कौन-कौन सी चीज़ें बताई गई हैं?

कविता में मेले में चाट का ठेला, झूले, खिलौनेवाला और सुंदर हाट का ज़िक्र है।

11

इस पाठ से बच्चे क्या सीखते हैं?

इस पाठ से बच्चे सीखते हैं कि मेले में परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर आनंद लेना चाहिए। मेले में खाने, झूले और खरीदारी का मज़ा होता है।

12

'मन में नहीं समाए फूले' का क्या मतलब है?

इसका मतलब है कि बच्चे झूले झूलकर इतने खुश हो गए कि उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था।

13

कविता का शीर्षक 'मेला' क्यों है?

क्योंकि पूरी कविता में बच्चों के मेले जाने और वहाँ का आनंद लेने का वर्णन है, इसलिए इसका शीर्षक 'मेला' रखा गया है।

14

यह कविता सारंगी पाठ्यपुस्तक के किस पाठ में है?

यह कविता एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी के पाठ 13 में है।

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